‘सनातन संस्कृति को तबाह करने की साजिश’, गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- अपने समाज के ‘कालनेमि’ से रहें सतर्क

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर सनातन संस्कृति, भारत की प्रगति और देश विरोधी साजिशों को लेकर बड़ा बयान दिया। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें भारत की प्रगति, सनातन संस्कृति और परंपराओं को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपने ही समाज में ‘कालनेमि’ का रूप धारण कर बैठे षड्यंत्रकारियों से सतर्क रहने की अपील की।

देश विरोधी साजिशों को समझने की जरूरत: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की प्रगति यात्रा में बाधा उत्पन्न करने वाली ताकतों को पहचानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि समाज अपने बीच मौजूद ऐसे लोगों को नहीं पहचान पाएगा, जो देश विरोधी गतिविधियों के समर्थक या प्रवक्ता बनकर काम कर रहे हैं, तो यह अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा। उन्होंने नागरिकों से सजग और सतर्क रहने का आह्वान किया।

गुरु पूर्णिमा महोत्सव में दिया संबोधन

मुख्यमंत्री बुधवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में 23 जुलाई से चल रही श्रीराम कथा के विश्राम सत्र और गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए तथा व्यासपीठ का पूजन किया। इसके बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज के कुछ लोग उन ताकतों के प्रवक्ता बन गए हैं, जो सनातन संस्कृति पर आघात करना चाहती हैं।

भारत की प्रगति कुछ ताकतों को नहीं आ रही रास

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने तेज गति से विकास किया है और अगले दो-तीन वर्षों में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन देशों या ताकतों को भारत ने विकास की दौड़ में पीछे छोड़ा है, उनके लिए यह स्थिति सहज नहीं है। ऐसे में कुछ शक्तियां देश में अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

नक्सलवाद का जिक्र कर कही यह बात

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 12 वर्ष पहले देश के 120 जिलों में नक्सलवाद सक्रिय था, जबकि आज एक भी जिला नक्सलवाद से प्रभावित नहीं है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद को बढ़ावा देने वाली ताकतें अब दूसरे रूप और नए नामों के साथ सामने आ सकती हैं। उन्होंने रामायण के कालनेमि प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय के ऐसे ‘कालनेमियों’ से समाज को सावधान रहने की आवश्यकता है।

सनातन परंपरा सभी मतों को देती है संरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन की परंपरा में हर मत और संप्रदाय को संरक्षण मिलता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस परंपरा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों के खिलाफ समाज को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केवल विद्यालयों के शिक्षक ही नहीं, बल्कि गुरु की भूमिका निभाने वाला हर व्यक्ति समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए।

पश्चिमी सोच और परंपराओं पर भी जताई चिंता

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कुछ लोग पश्चिमी प्रभाव में बह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग सनातन पर्वों के आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। योगी आदित्यनाथ ने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण और बालि दोनों ने मातृशक्ति का अपमान किया था और अंततः उन्हें उसका परिणाम भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति और मातृभूमि का अपमान करने वाले कठोर दंड के पात्र हैं।

 

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